हैदराबाद में सामने आए अवैध सरोगेसी रैकेट मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में डॉक्टर अदुतूरु नम्रता उर्फ पच्चिपल्ली नम्रता को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 26 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ईडी की जांच में सामने आया कि नम्रता “यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी एंड रिसर्च सेंटर” के नाम पर यह अवैध कारोबार चला रही थीं। निःसंतान दंपतियों से भारी रकम वसूल कर उन्हें सरोगेसी के जरिए बच्चा दिलाने का भरोसा दिलाया जाता था। वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं की पहचान एजेंटों के माध्यम से कर, जन्म के तुरंत बाद शिशुओं को खरीद लिया जाता था।
जांच में खुलासा हुआ कि बालिका के लिए लगभग 3.5 लाख रुपये और बालक के लिए 4.5 लाख रुपये का भुगतान किया जाता था, जिसके बाद उन्हें निःसंतान दंपतियों को सौंप दिया जाता था।
इस रैकेट के खिलाफ पहले ही हैदराबाद के गोपालपुरम पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और बाल तस्करी सहित कई एफआईआर दर्ज की गई थीं। नवंबर 2025 में जमानत पर रिहा हुई नम्रता ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच में सहयोग नहीं किया, जिसके बाद उन्हें पीएमएलए अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया।
सिकंदराबाद स्थित अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। ईडी के अनुसार, विशाखापट्टनम को केंद्र बनाकर भी यह गतिविधियां जारी रखी गईं। दंपतियों को ही बच्चे के वास्तविक माता-पिता दिखाते हुए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए जाने का भी खुलासा हुआ है।
इस रैकेट में एजेंटों और सब-एजेंटों का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। मामले की जांच जारी है।








