मुंबई के प्रभादेवी स्थित एडनवाला चाल बुद्ध विहार में मुंबई तेलंगाना बहुजन फोरम के तत्वावधान में Chhatrapati Shivaji Maharaj की 369वीं जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम में स्थानीय बहुजन नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बीएसपी के राज्य सचिव नाग सेन मालाजी ने कहा कि शिवाजी महाराज ने अपनी सेना में सभी वर्गों के लोगों को उचित स्थान दिया था। उन्होंने कहा कि चातुर्वर्ण व्यवस्था के प्रभाव वाले समय में शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के दौरान जो अपमान हुआ, वह इतिहास में दर्ज है। बाद में उनकी माता के मार्गदर्शन में शाक्त पंथ (बौद्ध) पद्धति से उनका दूसरा राज्याभिषेक कराया गया। उन्होंने इसे क्रूर वर्ण व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बताया।
पत्रकार गुर्रम नरेश महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि देश में सबसे पहले शिवाजी जयंती मनाने वाले व्यक्ति Jyotirao Phule थे। उन्होंने शिवाजी महाराज के विचारों से प्रेरणा लेते हुए समाज में फूट डालकर शासन करने वाली व्यवस्थाओं को समाप्त कर बहुजन समाज को एकजुट होने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम में बुद्ध विहार के प्रमुख मंगेश अहिवले, सचिन बंसोडे, रव्वा श्रीहरी पद्मशाली, गाजुला राजेंद्र, एनगंडुला गौतमी नाई, यानम रूपा रजक, एन. गंगाराम रजक, कुनारापु लक्ष्मण गंगपुत्र, संग श्रीनिवास मेरा, चंद्रकांत बंडारे, सामला लक्ष्मण यादव, कोंडेटी गंगाधर, भीमरतन मालाजी, चांद अहमद, मूलनिवासी मालाजी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान शिवाजी महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा समाज की एकता और सामूहिक प्रगति का संकल्प लिया गया।








