हैदराबाद: Telangana High Court ने मेडक ज़िला कलेक्टर राहुल राज के आचरण पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए उन्हें अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। अदालत ने उन्हें छह महीने की सज़ा और ₹2,000 का जुर्माना सुनाया।
यह मामला मेडक ज़िले के चेगुंटा मंडल के बोनाल गांव स्थित सर्वे नंबर 284/A/2 में 2.22 एकड़ भूमि विवाद से जुड़ा है। याचिकाकर्ता नल्लावेली लक्ष्मी ने अपने दादा ऊशैया की भूमि के म्यूटेशन और पट्टादार पासबुक जारी करने के लिए आवेदन किया था। कार्रवाई न होने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया।
अगस्त 2022 के आदेश
अगस्त 2022 में हाईकोर्ट ने अधिकारियों को मामले की जांच कर कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करने का निर्देश दिया था।
बाद में तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने आवेदन खारिज कर दिया। रिपोर्ट में कहा गया था कि ऊशैया ने यह भूमि गंगैया, नारायण और मल्लैया को “सादा बैनामा” (बिना पंजीकृत बिक्री समझौता) के माध्यम से बेच दी थी।
दोबारा हाईकोर्ट की शरण
इस फैसले को चुनौती देते हुए लक्ष्मी ने पुनः हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अदालत ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर सादा बैनामा और संबंधित नियमितीकरण दस्तावेज़ों की जांच कर नए सिरे से आदेश देने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर आवेदन खारिज करना विधिसम्मत नहीं है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने फिर से नोटिस जारी किए बिना आवेदन खारिज कर दिया।
सरकारी वकील ने दावा किया कि नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कोई दस्तावेजी प्रमाण पेश नहीं किया गया। बाद में कहा गया कि नोटिस व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे गए थे। न्यायमूर्ति K Lakshman ने टिप्पणी की कि यह दावा काउंटर हलफनामे में भी उल्लेखित नहीं था।
छह महीने की सज़ा
अदालत ने पाया कि कलेक्टर ने जानबूझकर आदेशों का उल्लंघन किया है। इसके चलते उन्हें अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए छह महीने की सज़ा और ₹2,000 का जुर्माना लगाया गया।
हालांकि, अदालत ने कलेक्टर को अपील दायर करने का अवसर देते हुए चार सप्ताह तक सज़ा के अमल पर रोक लगा दी है।








