नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद उन्होंने सदन में अपनी प्रतिक्रिया दी और अपने ऊपर लगे आरोपों पर पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह सदन के सभी सदस्यों की भावनाओं और विचारों का सम्मान करते हैं।
सदन को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा, “मुझ पर प्रतिपक्ष की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया गया। संसदीय प्रक्रियाओं को लेकर भी विपक्ष के माननीय सदस्यों ने अपना दृष्टिकोण रखा। मैं सभी की बातों का सम्मान करता हूं—जिन लोगों ने मेरे पक्ष में अपनी बात रखी, उनका भी और जिन्होंने विपक्ष में अपनी राय व्यक्त की, उनका भी।”
उन्होंने आगे कहा कि सदन ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसके लिए वह सभी सांसदों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
माइक बंद करने के आरोपों पर दिया जवाब
चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया था कि कई बार उनके बोलने के दौरान माइक बंद कर दिया जाता है। यह भी कहा गया कि सदन में चर्चा के समय नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का माइक भी बंद कर दिया जाता है।
इन आरोपों का जवाब देते हुए ओम बिरला ने स्पष्ट किया, “आसन के पास कभी भी किसी का माइक ऑन या ऑफ करने का कोई बटन नहीं होता है।”
पहले भी हुआ था विवाद
गौरतलब है कि फरवरी के पहले सप्ताह में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भी सदन में हंगामे की स्थिति बन गई थी। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण प्रस्तावित था, लेकिन वह उस दिन नहीं हुआ था।
उस घटना पर भी स्पीकर ओम बिरला ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके आग्रह पर उस दिन सदन में उपस्थित नहीं हुए थे।
राजनीतिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा जारी है, वहीं स्पीकर के बयान के बाद सदन की कार्यवाही को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।








