पार्वतीपुरम : आम तौर पर समाज में पुलिस का नाम सुनते ही सख्ती, लाठी और अपराध नियंत्रण की छवि सामने आती है। लेकिन पार्वतीपुरम पुलिस स्टेशन में कार्यरत हेड कांस्टेबल के. कृष्णमूर्ति यह साबित कर रहे हैं कि खाकी वर्दी के पीछे एक दयालु और संवेदनशील इंसान भी होता है। अपने कर्तव्य के तहत जनता की सुरक्षा करते हुए वे गरीबों के लिए सहारा बनकर “आदर्श पुलिसकर्मी” के रूप में सराहना प्राप्त कर रहे हैं।
हाल ही में द रिपोर्टर टीवी को दिए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने अपने जीवन के उद्देश्य और सेवा के प्रति अपने दृष्टिकोण के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
मानवता ही उनकी पहचान
पुलिस की नौकरी में अपराध, जांच और अदालत से जुड़े कामों का भारी दबाव रहता है। इसके बावजूद कृष्णमूर्ति ने अपनी मानवता को कभी नहीं छोड़ा। जहां कई लोग नौकरी मिलने के बाद विलासिता की ओर बढ़ते हैं, वहीं कृष्णमूर्ति अपने वेतन का बड़ा हिस्सा गरीबों की मदद और भूखों को भोजन कराने में खर्च करते हैं।
माता-पिता से मिली प्रेरणा
“बचपन में मेरे माता-पिता ने सिखाया था कि गरीब के आंसू पोंछना समाज की सबसे बड़ी सेवा है। जब तक मैं जीवित हूं, उनके शब्दों का सम्मान करता रहूंगा,” कृष्णमूर्ति ने भावुक होकर कहा।
महान व्यक्तित्वों के मार्ग पर
उन्होंने बताया कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महान नेताओं के विचार उन्हें प्रेरित करते हैं। उन्हीं के सिद्धांतों के आधार पर वे समाज सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं।
जरूरतमंदों की निरंतर सेवा
कृष्णमूर्ति बेसहारा बुजुर्गों को दवाइयां और भोजन उपलब्ध कराते हैं। साथ ही गरीब विद्यार्थियों को किताबें और पढ़ाई से जुड़ी सामग्री भी वितरित करते हैं, जिससे वे समाज में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गए हैं।
‘वृद्ध मित्र’ के रूप में पहचान
ड्यूटी से थोड़ा भी समय मिलते ही वे कॉलोनियों में रहने वाले गरीब लोगों से मिलने जाते हैं और उनकी समस्याएं समझते हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों की सेवा के कारण उन्हें “वृद्ध मित्र” के रूप में पहचान मिली है। संकट में पड़े लोगों के लिए उनका एक ही भरोसा होता है—“मैं आपके साथ हूं।”
उनकी सेवाओं को देखते हुए सरकार, वरिष्ठ अधिकारियों और कई सामाजिक संस्थाओं ने उन्हें अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया है।
बिना किसी लालच और दिखावे के गरीबों की सेवा कर रहे कृष्णमूर्ति जैसे अधिकारी पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय हैं। द रिपोर्टर टीवी के माध्यम से दिया गया उनका संदेश समाज में सेवा और मानवता की भावना को बढ़ाने में प्रेरणा देगा।








