दक्षिण लेबनान में इज़रायल के हमलों की कवरेज कर रहे पत्रकार एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गए। गुरुवार को हुई इस घटना में रूस टुडे (आरटी) चैनल के रिपोर्टर स्टीव स्विनी और कैमरामैन अली रिदा स्बाइटी के पास ही एक मिसाइल आकर फट गई, जिससे दोनों घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, दोनों पत्रकार दक्षिण लेबनान में लितानी नदी पर स्थित अल-खस्मिया पुल के पास इज़रायली हमलों की रिपोर्टिंग कर रहे थे। उस समय उन्होंने “प्रेस” लिखे हुए जैकेट पहने हुए थे, जिससे उनकी पहचान स्पष्ट थी। इसी दौरान अचानक एक मिसाइल उनके कुछ मीटर की दूरी पर आकर गिरी और जोरदार धमाका हुआ।
इस हमले में दोनों को चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस घटना पर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि यह हमला आकस्मिक नहीं था, बल्कि पत्रकारों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। घायल कैमरामैन ने भी इसे जानबूझकर किया गया हमला बताया।
वहीं, इज़रायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उस पुल का इस्तेमाल हथियारों के परिवहन के लिए किया जा रहा था, इसलिए वहां हमला किया गया। आईडीएफ ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही इलाके को खाली करने की चेतावनी दी थी और उनका उद्देश्य पत्रकारों या आम नागरिकों को निशाना बनाना नहीं था।
इस घटना की पत्रकारों की सुरक्षा समिति (सीपीजे) ने स्वतंत्र जांच की मांग की है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।








