तेलंगाना के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल Vemulawada Rajarajeshwara Swamy Temple में एक शिक्षित दंपति की मार्मिक कहानी सामने आई है। उच्च शिक्षा प्राप्त होने के बावजूद हालात ने उन्हें भिक्षावृत्ति करने पर मजबूर कर दिया।
पति जलंधर रेड्डी एलएलबी स्नातक हैं, जबकि पत्नी शिरीषा बीकॉम (कंप्यूटर्स) की डिग्रीधारक हैं। करीमनगर के रहने वाले इस दंपति ने पत्नी की खराब सेहत के कारण वेंमुलवाड़ा का रुख किया और भगवान राजन्ना की शरण में रहकर जीवन यापन कर रहे हैं।
हाल ही में मंदिर परिसर में भिक्षा मांगने वालों के लिए पुलिस और अधिकारियों ने काउंसलिंग आयोजित की। इस दौरान दंपति की धाराप्रवाह अंग्रेजी सुनकर अधिकारी भी हैरान रह गए। पत्नी के लिए सब कुछ त्याग देने वाले पति का समर्पण देख सभी भावुक हो गए।
मंदिर परिसर में करीब 100 से अधिक भिक्षुक हैं, जिनमें अधिकतर बुजुर्ग हैं। कई ने बताया कि वे पारिवारिक उत्पीड़न और असुरक्षा के कारण यहां शरण लिए हुए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बुजुर्गों को प्रताड़ित करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है — शिक्षा होने के बावजूद परिस्थितियां इंसान को किसी भी मोड़ पर ला सकती हैं, लेकिन सच्चा साथ ही सबसे बड़ी ताकत है।








