अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान पर कड़ी टिप्पणी की है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के लिए वापस आता है या नहीं, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह बात फ्लोरिडा दौरे के बाद Joint Base Andrews में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि वार्ता के दौरान ईरान ने परमाणु हथियार हासिल करने की अपनी मंशा साफ तौर पर जाहिर की। उन्होंने कहा, “वे परमाणु हथियार चाहते हैं, और उन्होंने यह बात बातचीत में स्पष्ट कर दी। लेकिन ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।” उन्होंने यह भी कहा कि समझौता हो या न हो, अंततः यह अमेरिका की जीत ही होगी।
इस बीच, पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में सप्ताहांत के दौरान अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance ने किया। लगभग 21 घंटे तक चली यह वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान का अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने से इनकार करना वार्ता विफल होने का मुख्य कारण रहा।
वार्ता विफल होने के तुरंत बाद अमेरिका ने बड़ा फैसला लिया। ट्रंप ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले ईरानी जहाजों पर नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा की। इस फैसले से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना है। फिलहाल लागू अस्थायी युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।








