हैदराबाद: हैदराबाद पुलिस कमिश्नर V. C. Sajjanar ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक वीडियो को लेकर युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि साइबर अपराधी युवाओं के अकेलेपन का फायदा उठाकर नए-नए तरीकों से “हनी ट्रैप” जाल बिछा रहे हैं।
“क्या आप अकेले हैं? यह ऐप डाउनलोड करें और सुंदर लड़कियों से बात करें”—इस तरह के विज्ञापन जो सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में दिखाई दे रहे हैं, वे किसी मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि एक खतरनाक साइबर ठगी का हिस्सा हैं, उन्होंने कहा।
सज्जनार ने बताया कि इन वीडियो में दिखने वाली लड़कियां असली नहीं हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाई गई हैं। इनका उद्देश्य लोगों को आकर्षित कर फर्जी ऐप डाउनलोड करवाना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जैसे ही कोई व्यक्ति इन संदिग्ध लिंक के जरिए ऐप डाउनलोड करता है, उसके मोबाइल का निजी डेटा जैसे कॉन्टैक्ट्स और गैलरी साइबर अपराधियों के हाथों में चला जाता है। इसके बाद वे इस जानकारी का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए करते हैं।
कई मामलों में, पीड़ितों को वीडियो कॉल के लिए उकसाया जाता है, जहां सामने से अश्लील वीडियो चलाया जाता है और उसी समय पीड़ित का चेहरा रिकॉर्ड कर लिया जाता है। बाद में उसे मॉर्फ कर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर परिवार और दोस्तों को भेजने की धमकी दी जाती है।
सज्जनार ने कहा कि इज्जत जाने के डर से यदि लोग पैसे देते रहते हैं, तो अंततः उनके बैंक खाते खाली हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि YouTube, Instagram और Facebook जैसे प्लेटफॉर्म पर ऐसे फर्जी विज्ञापन देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि ऑनलाइन कोई भी मुफ्त में दोस्ती नहीं करता और ऐसे आकर्षक ऑफर्स के पीछे अक्सर आर्थिक और सामाजिक शोषण की साजिश छिपी होती है।
युवाओं को सलाह दी गई है कि वे जल्दबाजी या भावनाओं में आकर किसी अनजान डेटिंग या वीडियो कॉलिंग ऐप को डाउनलोड न करें। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के विज्ञापन अधिकतर रात के समय दिखाई देते हैं, इसलिए उस समय विशेष सतर्कता बरतें।
यदि कोई व्यक्ति पहले ही इस तरह के साइबर जाल में फंस चुका है, तो उसे डरने की जरूरत नहीं है। तुरंत 1930 टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल (http://cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं।








