पुणे : आधुनिक युद्ध के मैदानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका लगातार बढ़ रही है और यह तेज़ एवं प्रभावी निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा।
पुणे स्थित नॅशनल डिफेंस अकादमी में 150वें पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक युद्ध क्षेत्र में विभिन्न स्रोतों से भारी मात्रा में डेटा उत्पन्न हो रहा है, जिसे तेजी से विश्लेषित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि तेज़ गति वाले युद्ध में कमांडरों को सूचनाओं का तुरंत विश्लेषण कर निर्णय लेना होता है, ऐसे में एआई महत्वपूर्ण तकनीकी सहायता प्रदान करता है। स्मॉल लैंग्वेज मॉडल और लार्ज लैंग्वेज मॉडल जैसे सिस्टम डेटा प्रोसेसिंग और संसाधन प्रबंधन को बेहतर बनाते हैं।
उन्होंने ड्रोन के बढ़ते उपयोग पर भी जोर देते हुए कहा कि दुश्मन ड्रोन से खतरा बढ़ रहा है, इसलिए काउंटर-ड्रोन सिस्टम आवश्यक हैं। साथ ही अपने ड्रोन का प्रभावी उपयोग भी जरूरी है।
सेना प्रमुख ने कहा कि ड्रोन, सेंसर और निगरानी प्रणालियों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए ऑटोमेशन जरूरी है और भविष्य के युद्ध में एआई एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।








