पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति लगातार बनी हुई है। अमेरिका–इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले जारी रखे हुए हैं। इज़राइल के हमलों के जवाब में ईरान भी लगातार कार्रवाई कर रहा है। इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसे नियंत्रित करने के लिए अमेरिका ने कुछ प्रतिबंधों में ढील दी है।
नतांज़ परमाणु केंद्र पर हमला – रूस की कड़ी निंदा
ईरान के नतांज़ यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर हुए हमलों की रूस ने कड़ी निंदा की है। रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम पूरे क्षेत्र को बड़े संकट की ओर ले जा सकते हैं।
इज़राइल की चेतावनी
इज़राइल ने कहा है कि ईरान पर हमले और तेज किए जाएंगे। रक्षा मंत्री काट्ज़ ने संकेत दिया कि अगले सप्ताह हमलों की तीव्रता बढ़ सकती है।
IAEA की पुष्टि
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने बताया कि हमले की सूचना ईरान ने दी है, लेकिन अब तक बाहर विकिरण स्तर में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर चिंता
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में हमलों की कई देशों ने निंदा की है। 22 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान से हमले रोकने की अपील की है।
ट्रंप के बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान पर “पूर्ण विजय” है और युद्धविराम पर बातचीत नहीं होगी।








