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रियल एस्टेट ठगी का शिकार CRPF जवान, न्याय की मांग

Telangana State- हनुमकोंडा: जिले में अवैध लेआउट तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, जिससे जमीन खरीदने वाले लोगों में चिंता बढ़ रही है। कई स्वीकृत लेआउट में भी विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। कुछ ईमानदार रियल्टरों को छोड़कर अधिकांश लोग खरीदारों को धोखा देकर करोड़ों रुपये कमा रहे हैं।

इसी बीच हनुमकोंडा क्षेत्र में एक बड़ा रियल एस्टेट धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक CRPF जवान ने आरोप लगाया है कि जमीन खरीदने के मामले में उसे ठगा गया और बाद में उसका घर भी गिरा दिया गया।

पीड़ित काटम श्रीकांत (36), राजमौली के पुत्र हैं और वर्तमान में हैदराबाद के चंद्रायणगुट्टा स्थित GC, CRPF में जवान के रूप में कार्यरत हैं। उनके अनुसार उन्होंने 29 अगस्त 2018 को हसनपर्थी गांव (हनुमकोंडा जिला) के कंदुकूरी कृष्णमूर्ति (पुत्र सांबैया) और संगाला राजेश (पुत्र लिंगैया) से सर्वे नंबर 598/D में 200 वर्ग गज का ओपन प्लॉट ₹8 लाख में खरीदकर उसका रजिस्ट्रेशन कराया था।

लेकिन आरोप है कि विक्रेताओं ने आज तक जमीन के मूल लिंक दस्तावेज नहीं दिए।

इसके बाद 2019 में श्रीकांत ने लगभग ₹6 लाख खर्च करके उस जमीन पर घर बनाया। उन्हें ग्रेटर वारंगल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GWMC) से हाउस नंबर 55-3-699/5/1/2 के लिए ओनरशिप सर्टिफिकेट भी मिला और वे नियमित रूप से ऑनलाइन हाउस टैक्स भी भरते रहे।

हालांकि 1 जुलाई 2023 को GWMC काज़ीपेट सर्कल-II कार्यालय से उन्हें शो-कॉज नोटिस मिला। श्रीकांत का आरोप है कि नोटिस का जवाब देने से पहले ही 24 जून 2024 को अधिकारियों ने JCB मशीन से उनका घर गिरा दिया

बाद में जांच में पता चला कि गांव के नक्शे के अनुसार 598/D की जगह उन्हें 642 सर्वे नंबर की जमीन दिखाकर धोखा दिया गया था

उन्होंने बताया कि 18 अगस्त 2025 को हनुमकोंडा MRO को रजिस्टर्ड पोस्ट से शिकायत भेजी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जब उन्होंने स्थानीय बुजुर्गों की मौजूदगी में कृष्णमूर्ति से जवाब मांगा, तो आरोपी ने नागरम गांव के बाहरी इलाके में सर्वे नंबर 98/D/1 में 240 वर्ग गज जमीन देने का समझौता किया। लेकिन जब श्रीकांत ने Encumbrance Certificate (EC) की जांच की, तो पता चला कि वह जमीन वीरू नायक और नूनावत के नाम पर दर्ज है, जिससे एक और धोखाधड़ी की कोशिश सामने आई।

बाद में श्रीकांत ने वाराला समुदाय के नेताओं से संपर्क किया। उनकी बैठक में कृष्णमूर्ति ने सर्वे नंबर 598/D में दोबारा घर बनाकर सौंपने का वादा किया, लेकिन वह वादा भी पूरा नहीं हुआ।

श्रीकांत ने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में देश सेवा करते हुए अपनी मेहनत की कमाई से यह जमीन खरीदी थी, लेकिन रियल एस्टेट धोखाधड़ी के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।

उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।

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