- ‘अराइव-अलाइव’ कार्यक्रम के तीसरे चरण में जागरूकता संगोष्ठी
- पिछले वर्ष 200 मौतों पर सीपी ने जताई चिंता
- ऑटो चालकों और रैपिडो कैप्टनों को दिशा-निर्देश, श्रेष्ठ चालकों का सम्मान
करीमनगर: करीमनगर पुलिस आयुक्त गौस आलम ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम केवल पुलिस के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक होकर उनका जिम्मेदारी से पालन करना आवश्यक है, तभी दुर्घटनामुक्त समाज का निर्माण संभव है।
वे ‘अराइव-अलाइव’ कार्यक्रम के तीसरे चरण के अंतर्गत करीमनगर ट्रैफिक पुलिस द्वारा अस्त्र कन्वेंशन हॉल में ऑटो चालकों और रैपिडो कैप्टनों के लिए आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
अपने संबोधन में सीपी ने कहा कि पिछले वर्ष कमिश्नरेट क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 200 लोगों की मौत हुई, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनना, तेज गति से वाहन चलाना और नशे में ड्राइविंग जैसे मानवीय लापरवाही इसके मुख्य कारण हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि दुर्घटनाओं में मरने वालों में 85 प्रतिशत पुरुष हैं और एक व्यक्ति की मृत्यु पूरे परिवार को संकट में डाल देती है।
करीमनगर से हैदराबाद, वारंगल, जगित्याल, सिरिसिल्ला और चोप्पदंडी जाने वाले मार्गों पर दुर्घटना संभावित ‘ब्लैक स्पॉट्स’ की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। हुजूराबाद के लिंगापुर क्रॉस रोड पर पहले ही संकेत बोर्ड स्थापित किए जा चुके हैं।
सीपी ने सभी चालकों को ‘डिफेंसिव ड्राइविंग’ अपनाने और वाहन चलाते समय सतर्क रहने की सलाह दी।
मेडिकोवर अस्पताल के डॉ. लोकेश की टीम ने आपात स्थिति में जीवन बचाने के लिए सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) का लाइव प्रदर्शन किया।
ट्रैफिक एसीपी ने हिट एंड रन मामलों से संबंधित कानूनों की जानकारी दी और बताया कि ‘राहवीर’ योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वालों को सरकार द्वारा ₹25,000 का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
इस कार्यक्रम में एडिशनल डीसीपी वेंकटरमण, ट्रैफिक एसीपी यादगिरी स्वामी, इंस्पेक्टर संजीव, कुमारस्वामी, किरण कुमार, मेडिकोवर अस्पताल के डॉ. लोकेश, रैपिडो एसोसिएट मैनेजर दुर्गा राव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








