अमेरिका में सालाना 2 लाख डॉलर (करीब ₹1.6 करोड़) की मोटी सैलरी पाने वाले एक एनआरआई टेक प्रोफेशनल को एच-1बी वीज़ा लॉटरी में चयन न होने के कारण भारत लौटना पड़ा। अब वह ₹40 लाख के कर्ज के साथ भारत के कठिन जॉब मार्केट में संघर्ष कर रहा है।
इस टेक प्रोफेशनल ने अपनी स्थिति सोशल मीडिया पर साझा की। उसने रेडिट पर “H-1B में चयन न होने के बाद भारत लौटना पड़ा, यहां के कठिन टेक इंटरव्यू से जूझ रहा हूं” शीर्षक से पोस्ट किया। उसने बताया कि उसका वीज़ा समाप्त हो गया था और जिस अमेरिकी कंपनी में वह काम कर रहा था, उसका भारत में कोई ऑफिस नहीं है, इसलिए ट्रांसफर का कोई विकल्प नहीं था।
उसने कहा कि अचानक इतनी बड़ी आय का खत्म हो जाना उसके लिए बड़ा झटका था। “इस समय यहां का जॉब मार्केट सबसे बड़ी चुनौती है। प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है। सबसे ज्यादा हैरानी मुझे इंटरव्यू के स्तर ने दी। अमेरिका की तुलना में यहां पूछे जाने वाले सवाल कहीं ज्यादा एडवांस लगते हैं,” उसने लिखा। साथ ही, ₹40 लाख के कर्ज का दबाव उसकी मानसिक शांति को भी प्रभावित कर रहा है।
यह पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने उसे सलाह दी। एक यूज़र ने कहा, “अपनी सैलरी की उम्मीदें कम करें और पहले कोई भी नौकरी पाने पर ध्यान दें।” वहीं दूसरे ने लिखा, “अपनी अंतरराष्ट्रीय अनुभव और 2 लाख डॉलर की सैलरी वाले अहंकार को छोड़ दें। अभी ₹15–20 लाख का पैकेज भी अच्छा रहेगा।”
कई लोगों ने उसे सलाह दी कि अमेरिका की सैलरी से तुलना न करें और भारतीय बाजार के हिसाब से अपनी अपेक्षाएं तय करें। इस कठिन दौर से निकलने के लिए टेक प्रोफेशनल ने लोगों से सुझाव भी मांगे हैं।








