देशभर में इन दिनों “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) नाम तेजी से चर्चा में है। शुरुआत में मजाक और मीम्स के रूप में शुरू हुआ यह अभियान अब युवाओं की नाराज़गी और बेरोज़गारी के मुद्दे का प्रतीक बनता जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हुआ, जिसमें कुछ बेरोज़गार युवाओं को “कॉकरोच” कहे जाने पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद कुछ युवाओं ने व्यंग्यात्मक तरीके से “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से ऑनलाइन अभियान शुरू कर दिया।
देखते ही देखते इंस्टाग्राम और एक्स पर इस अभियान को लाखों लोग फॉलो करने लगे। “बेरोज़गारों की आवाज़” और “डिजिटल युवा आंदोलन” जैसे नारों ने इसे और लोकप्रिय बना दिया।
इस आंदोलन के पीछे कई बड़े मुद्दे बताए जा रहे हैं:
- बढ़ती बेरोज़गारी
- महंगाई
- परीक्षा घोटाले
- राजनीति से युवाओं की निराशा
पार्टी का प्रतीक “कॉकरोच” रखा गया है, जिसे समर्थक संघर्ष और जीवित रहने की ताकत का प्रतीक बता रहे हैं।
कुछ लोग इसे सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड मान रहे हैं, लेकिन कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह देश के युवाओं की वास्तविक नाराज़गी को सामने ला रहा है।








