नई दिल्ली : कॉरपोरेट दुनिया में बढ़ते तनाव और लंबे कार्य घंटों के बीच एक महिला की अनोखी करियर चॉइस सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि आईटी सेक्टर में काम करने वाली इस महिला ने अपने उच्च दबाव वाले नौकरी जीवन को छोड़कर ऑटो-रिक्शा चलाने का निर्णय लिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला आईटी क्षेत्र में कार्यरत थीं, लेकिन लगातार काम का दबाव, लंबे घंटे और निजी जीवन में संतुलन की कमी के कारण वह काफी तनाव में थीं। इसी वजह से उन्होंने नौकरी छोड़कर ऑटो चालक बनने का साहसिक निर्णय लिया।
अब वह लगभग ₹60,000 प्रति माह कमा रही हैं और उनका कहना है कि पहले की तुलना में वह अब अधिक शांत और खुशहाल जीवन जी रही हैं। उनके अनुसार, इस बदलाव से उन्हें सबसे बड़ी उपलब्धि अपने समय पर नियंत्रण और मानसिक शांति के रूप में मिली है।
उनकी यह कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। कई लोगों ने उनके फैसले की सराहना की है, जबकि कुछ ने कॉरपोरेट आईटी सेक्टर में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है।
एक यूजर ने बताया कि 18 साल आईटी में काम करने के बावजूद उन्हें आज भी लगातार मीटिंग्स, रात देर तक चलने वाले प्रोडक्शन इश्यू और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है।
वहीं कुछ लोगों ने उनके आर्थिक स्थिति को लेकर अनुमान लगाते हुए कहा कि शायद उनके पास पहले से अच्छी बचत रही होगी। हालांकि अधिकतर यूजर्स ने कहा कि मानसिक शांति पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण है और उन्होंने सही निर्णय लिया है।
इसी तरह उत्तर प्रदेश का एक पुराना मामला भी चर्चा में है, जहां एक व्यक्ति ने नौकरी छोड़कर ऑटो चलाया और बाद में ट्रकिंग बिजनेस खड़ा कर कई वाहन खरीदे, लेकिन आज भी सादगीपूर्ण जीवन जीते हुए ऑटो चलाता है।
यह घटनाएं आज के समय में बढ़ते वर्क प्रेशर, बर्नआउट और बेहतर जीवन की तलाश को उजागर करती हैं।








