अनकापल्ली : आंध्र प्रदेश आदिवासी गिरिजन संघ और 5वीं अनुसूची संरक्षण समिति ने अनकापल्ली जिले के रविकामतम मंडल स्थित कल्याणपुलोवा जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र को नो-माइनिंग ज़ोन घोषित करने की मांग की है। इस मांग को लेकर सोमपुरम बंध से जीडीगुन्नावा होते हुए कल्याणपुलोवा जलाशय तक लगभग चार किलोमीटर की पदयात्रा निकाली गई, जिसके बाद धरना-प्रदर्शन किया गया।
नेताओं ने बताया कि कल्याणपुलोवा जलाशय से लगभग 4,484 एकड़ भूमि की सिंचाई होती है तथा करीब 15 हजार किसान इस जलाशय पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर हैं। उनका कहना है कि जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र में ग्रेनाइट खनन की अनुमति देने से जल स्रोत, खेती, वन क्षेत्र और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पहले भी इस क्षेत्र में ग्रेनाइट खनन की अनुमति दी गई थी, लेकिन आदिवासी संगठनों के विरोध के बाद उसे रोक दिया गया था। अब सरकार बदलने के बाद फिर से खनन गतिविधियां शुरू करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कैचमेंट क्षेत्र की वन भूमि को रियल एस्टेट कारोबारियों द्वारा खरीदा जा रहा है, ताकि वहां खनन गतिविधियां शुरू की जा सकें। यदि ऐसा हुआ तो जलाशय की जल उपलब्धता प्रभावित होगी और आदिवासी समुदायों तथा किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से मांग की कि कल्याणपुलोवा जलाशय के पूरे कैचमेंट क्षेत्र को तत्काल नो-माइनिंग ज़ोन घोषित किया जाए तथा ग्रेनाइट खदानों की सभी प्रस्तावित गतिविधियों पर स्थायी रोक लगाई जाए।
इस कार्यक्रम में जिला मानद अध्यक्ष के. गोविंद राव, आदिवासी नेता गम्मिला वासु, विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि, किसान और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए।








