पी.सी. पल्लि, मार्कापुर जिला – आंध्र प्रदेश : पी.सी. पल्लि मंडल के वेंगलायपल्ली गांव में कार्यरत शिक्षक वेंकट रमणैया शिक्षा, स्कूल विकास, योग प्रशिक्षण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। उनके समर्थकों ने उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार के लिए नामित करने की मांग की है।
बताया गया है कि रमणैया ने जिन स्कूलों में कार्य किया, उनके विकास के लिए लगभग 20 लाख रुपये अपनी जेब से खर्च किए। इसके अलावा दानदाताओं के माध्यम से करीब 50 लाख रुपये जुटाकर स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने में उनका योगदान रहा।
उन्होंने स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया। जिन स्कूलों में उन्होंने काम किया, वहां विद्यार्थियों की कमी के कारण ‘No Admission’ बोर्ड लगाने की स्थिति न बने, इसके लिए उन्होंने विशेष प्रयास किए।
शाम 8 बजे तक छात्रों को निःशुल्क प्रशिक्षण
रमणैया स्कूल में शाम करीब 8 बजे तक रहकर जवाहर नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण देते हैं। उनके मार्गदर्शन से अब तक लगभग 30 विद्यार्थियों ने नवोदय और सैनिक स्कूलों में प्रवेश प्राप्त किया है।
इसके साथ ही वे विद्यार्थियों को योग का प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। उनके प्रशिक्षण से करीब 100 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर की योग प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए हैं।
रमणैया ने स्वयं भी योग के क्षेत्र में राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर करीब 50 पदक हासिल किए हैं। जून 2026 में विजयवाड़ा में आयोजित ‘योगांध्र’ प्रतियोगिताओं में उन्होंने तीन पदक जीते और स्वास्थ्य मंत्री सत्यकुमार यादव के हाथों पदक प्राप्त किए।
20 वर्षों से निःशुल्क योग प्रशिक्षण
बताया गया है कि रमणैया पिछले करीब 20 वर्षों से विद्यार्थियों, कर्मचारियों और बुजुर्गों को निःशुल्क योग प्रशिक्षण दे रहे हैं।
कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने सामाजिक सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने सहयोगियों और योग प्रशिक्षकों के साथ मिलकर लगभग 10 लाख रुपये जुटाए और करीब एक वर्ष तक कनिगिरी विधानसभा क्षेत्र के छह मंडलों में जरूरतमंद लोगों को आवश्यक खाद्य सामग्री वितरित की।
निष्पक्ष जांच कर पुरस्कार के लिए नामित करने की मांग
समर्थकों के अनुसार रमणैया की उपलब्धियों और सेवा कार्यों से संबंधित लगभग 450 पन्नों की विस्तृत फाइल मार्कापुर जिला शिक्षा कार्यालय में जमा की गई है।
उनका आरोप है कि एसजीटी श्रेणी में छह शिक्षकों के साक्षात्कार प्रस्तावित होने के बावजूद रमणैया को साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया और जिला स्तर पर साक्षात्कार भी आयोजित नहीं किए गए। उनका यह भी आरोप है कि उनकी फाइल राज्य स्तर पर नहीं भेजी गई।
इस मामले में संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि मार्कापुर जिले से एसजीटी श्रेणी में राज्य स्तर पर भेजी गई शिक्षकों की फाइलों के साथ वेंकट रमणैया की 450 पन्नों की फाइल की भी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच की जाए।
उनकी योग्यता, स्कूल विकास, विद्यार्थियों के लिए किए गए कार्य, योग सेवा और सामाजिक योगदान को ध्यान में रखते हुए, यदि वे पात्र पाए जाते हैं तो उन्हें राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार के लिए नामित कर न्याय दिलाने की मांग की गई है।








