नई दिल्ली : नीट पेपर लीक मामले में लगे आरोपों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम को “छात्रों की जीत” बताते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (एसजेपी) ने शनिवार को जश्न मनाया।
एसजेपी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में से एक पूरी हो गई है। पार्टी ने कहा कि महात्मा गांधी के अहिंसा और शांतिपूर्ण आंदोलन के सिद्धांतों पर चलकर भी अपने लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं और यह घटनाक्रम उसी का प्रमाण है।
एसजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह जीत पूरे देश के छात्रों की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के शांतिपूर्ण संघर्ष का परिणाम सामने आया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर मिलते ही नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और समर्थकों ने खुशी जताते हुए जश्न मनाया। पार्टी ने शनिवार शाम 6:30 बजे कैंडल मार्च निकालने का भी आह्वान किया।
पार्टी नेताओं ने कहा कि देशभर के युवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन ने लोकतंत्र की ताकत को साबित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है।
एसजेपी ने कहा कि उनकी तीन प्रमुख मांगों में से फिलहाल केवल एक ही पूरी हुई है। शेष दो मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित हमला करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पार्टी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.








