नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने NEET (UG) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले Cockroach Janta Party (CJP) के सामान्य एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है। हालांकि, यह राहत हिंसा के आरोपियों तथा आपराधिक पृष्ठभूमि या हिस्ट्रीशीटर व्यक्तियों पर लागू नहीं होगी।
दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने गुरुवार को जारी एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी। सरकार ने बताया कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को Shailendra Mani Tripathi बनाम Union of India एवं अन्य मामले में सुनवाई करते हुए कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और ऐसे प्रदर्शनों पर पुलिस की अत्यधिक कार्रवाई उचित नहीं ठहराई जा सकती।
13 एफआईआर की हुई समीक्षा
गृह विभाग के अनुसार, NEET (UG) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए प्रदर्शनों के संबंध में दिल्ली पुलिस ने कुल 13 एफआईआर दर्ज की थीं। सभी मामलों की समीक्षा के बाद सरकार ने तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
सरकार के तीन प्रमुख फैसले
1. कानूनी कार्रवाई से राहत:
दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी। हालांकि, यह राहत उन लोगों को नहीं मिलेगी जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है या जो हिंसक घटनाओं में शामिल पाए गए हैं।
2. गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई:
यदि इन मामलों में किसी प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है, तो उसके मामले की शीघ्र समीक्षा कर आवश्यक होने पर जल्द रिहाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
3. मामला पूरी तरह बंद:
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह पात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नहीं करेगी और इस पूरे मामले को बंद माना जाएगा।
उपराज्यपाल की मंजूरी
यह आदेश दिल्ली सरकार के गृह विभाग के प्रधान सचिव संतोष डी. वैद्य द्वारा जारी किया गया, जिसे उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने औपचारिक मंजूरी दी। आदेश की प्रतियां मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त तथा अभियोजन निदेशालय को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।
CJP ने दी थी देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
इससे पहले मंगलवार को Cockroach Janta Party (CJP) ने चेतावनी दी थी कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं लेती और उनके विरुद्ध किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई रोकने का अपना वादा पूरा नहीं करती, तो पार्टी देशभर में नया आंदोलन शुरू करेगी।
दिल्ली सरकार के इस फैसले को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार को मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हिंसा या आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।








