वारंगल, तेलंगाना: वारंगल जिले के उर्सुगुट्टा इलाके में एक बार के बाहर दो पुलिसकर्मियों के बीच कथित झड़प का मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, बार कर्मचारियों ने कथित तौर पर 112 आपातकालीन सेवा को सूचना दी थी कि एक बटालियन कांस्टेबल शराब के नशे में बार में हंगामा कर रहा है।
शिकायत मिलने के बाद मिल्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में तैनात बीट कांस्टेबल संतोष रेड्डी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने बटालियन कांस्टेबल से वहां से चले जाने और शर्ट पहनकर जाने के लिए कहा। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला कथित तौर पर हाथापाई तक पहुंच गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों कांस्टेबलों के बीच मारपीट हुई। यह भी आरोप है कि बीट कांस्टेबल ने लाठी का इस्तेमाल किया और वहां मौजूद कुछ बार कर्मचारियों तथा स्थानीय लोगों ने भी बटालियन कांस्टेबल के साथ कथित तौर पर मारपीट की।

इस घटना ने पुलिस कार्रवाई और कानून के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर कथित तौर पर हंगामा कर रहा हो या किसी अपराध में शामिल हो, तो नियमानुसार वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना, व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया के तहत थाने ले जाना और जांच के आधार पर मामला दर्ज करना उचित प्रक्रिया मानी जाती है।
यदि पुलिसकर्मी द्वारा अन्य लोगों के साथ मिलकर किसी व्यक्ति के साथ मारपीट किए जाने का आरोप सही पाया जाता है, तो यह गंभीर मामला होगा और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस की वर्दी किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं बनाती। पुलिसकर्मियों से भी कानून और विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की अपेक्षा की जाती है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई की गई है या नहीं।
घटना की वास्तविक वजह, विवाद के दौरान किसकी क्या भूमिका रही और किसी कानून का उल्लंघन हुआ या नहीं—इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। तब तक सामने आए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।








