अनकापल्ली जिला, रोलुगुंटा: अनकापल्ली जिले के रोलुगुंटा मंडल में कोव्वुरु ग्राम पंचायत के बाहरी क्षेत्र स्थित वेदुल्लावलसा ST गदबा PVTG आदिवासी गांव में पिछले करीब तीन महीनों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। इससे गांव की गलियां रात होते ही पूरी तरह अंधेरे में डूब जाती हैं और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण खासकर महिलाएं, छोटे बच्चे और बुजुर्ग रात के समय घरों से बाहर निकलने में डर महसूस करते हैं।
अंधेरे के साथ जहरीले जीवों का खतरा
ग्रामीणों के अनुसार रात के समय गांव की गलियों में सांप, कनखजूरा और अन्य जहरीले जीव दिखाई देते हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण इनके कारण दुर्घटना और सांप के काटने जैसी घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ स्ट्रीट लाइट की समस्या नहीं है, बल्कि उनके जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
जिम्मेदारी किसकी? अधिकारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं जिम्मेदारी
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित बिजली विभाग के लाइनमैन से संपर्क किया। उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि पंचायत की ओर से बिजली का बिल भुगतान नहीं किया गया है।
इसके बाद ग्रामीणों ने पंचायत सचिव से संपर्क कर समस्या की जानकारी दी। ग्रामीणों के मुताबिक, पंचायत सचिव की ओर से बताया गया कि पिछले 15 दिनों से Demand जारी नहीं की गई है।
जब इस संबंध में लाइनमैन से सवाल किया गया तो कथित तौर पर उन्होंने कहा कि AE की ओर से Demand नहीं दी गई है। वहीं AE से संपर्क करने पर लाइनमैन से पूछने की बात कही गई।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत और बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच उचित समन्वय नहीं होने के कारण पिछले तीन महीनों से समस्या जस की तस बनी हुई है।
तीन महीने से समस्या का समाधान क्यों नहीं?
ग्रामीण अब अधिकारियों से स्पष्ट जवाब चाहते हैं।
क्या बिजली बिल बकाया है?
क्या Demand जारी नहीं हुई?
Demand कहां लंबित है?
या फिर पंचायत और बिजली विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण समस्या बढ़ रही है?
ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने MPDO और संबंधित अधिकारियों से वेदुल्लावलसा की स्ट्रीट लाइट समस्या को आपात स्थिति के रूप में लेते हुए तत्काल समाधान करने की मांग की है।
उन्होंने पंचायत के बिजली बिल, बकाया राशि, Demand और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करने तथा गांव की सभी खराब स्ट्रीट लाइटों का निरीक्षण कर उन्हें जल्द से जल्द ठीक कराने की मांग की है।
यदि अधिकारियों की लापरवाही या जिम्मेदारी से बचने की बात सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
सवाल सिर्फ रोशनी का नहीं, सुरक्षा का है
वेदुल्लावलसा में ST गदबा PVTG आदिवासी परिवार रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आदिवासी गांवों में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर प्रशासन को विशेष ध्यान देना चाहिए।
स्ट्रीट लाइट सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि रात के समय लोगों की सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन है।
तीन महीने से अंधेरे में रहने के बाद अब ग्रामीणों का सवाल सीधा है—
“हमारे गांव की गलियों में आखिर रोशनी कब होगी?”
ग्रामीण नीलापु देवुडम्मा, घंटा लक्ष्मी, CPM जिला कार्यकारिणी सदस्य के. गोविंदराव और अन्य लोगों ने इस समस्या को अधिकारियों के सामने उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
वेदुल्लावलसा के ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन नहीं, अपने गांव में सुरक्षित रोशनी चाहिए।








