राजाम, श्रीकाकुलम: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के राजाम नगर पालिका क्षेत्र स्थित डोलापेट जिला परिषद उच्च विद्यालय में शुक्रवार को कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि एक हेड कांस्टेबल के बेटे ने सरकारी शिक्षक पर स्कूल के प्रधानाध्यापक के कक्ष में ही हमला कर दिया, जिससे शिक्षक घायल हो गए। घटना के बाद स्कूल परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
शिक्षकों के अनुसार, एक शिक्षिका का बेटा अपनी मां को स्कूल छोड़ने के लिए कार से आया था। उसने स्कूल के मुख्य द्वार के सामने कार खड़ी कर दी, जिससे प्रार्थना सभा के दौरान आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। शारीरिक शिक्षा शिक्षिका (पीईटी) सुजाता ने उसे कार हटाने के लिए कहा। जब उसने बात नहीं मानी, तो उन्होंने हल्के से डंडे से कार पर थपथपाया, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई।
इसी दौरान शिक्षक लाभाला वेणु ने युवक के व्यवहार पर आपत्ति जताई। इसके बाद युवक ने अपने पिता, जो जिले के एक पुलिस थाने में हेड कांस्टेबल हैं, को फोन किया। कुछ देर बाद हेड कांस्टेबल अपने बेटे के साथ स्कूल पहुंचे और प्रधानाध्यापक के कक्ष में गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों की मौजूदगी में युवक ने उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर रहे शिक्षक वेणु पर हमला कर दिया। उसकी मां ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने हमला जारी रखा। घायल शिक्षक को तुरंत राजाम एरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं युवक ने भी अपने ऊपर हमले का दावा करते हुए अस्पताल में उपचार कराया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक आर.वी.जी.एन. मुरलीकृष्ण ने बताया कि उन्होंने अन्य शिक्षकों के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि उनके कक्ष में शिक्षक पर हमला होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
विजयनगरम के सांसद कलिशेट्टी अप्पला नायडु ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
आंध्र प्रदेश टीचर्स फेडरेशन (APTF) और यूनाइटेड टीचर्स फेडरेशन (UTF) सहित शिक्षक संगठनों ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
राजाम के मंडल शिक्षा अधिकारी (MEO) यागाटी दुर्गाराव ने बताया कि घटना की रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को फोन और लिखित रूप में भेज दी गई है।
हालांकि, राजाम टाउन सर्किल इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने कहा कि पुलिस को इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है तथा दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया है।








